Statue Of Unity: लौहपुरुष सरदार जी की इस गगनचुम्बी प्रतिमा "स्टेचू ऑफ यूनिटी (Statue Of Unity)" से क्या हासिल होगा ये नीचे बताऊंगा लेकिन अब तक क्या हासिल हुआ है यह बताता हूं।
![]() |
| Statue Of Unity Achievements |
माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का वर्षों पुराना स्वप्न 31 अक्टूबर 2018 साकार हुआ और उन्होंने इस अतुलनीय लौह पुरुष एवं भारतवर्ष को एकीकृत करने वाले महान आत्मा की प्रतिमा को उनके ही देशवासियों को समर्पित किया है। दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा उनके महान कार्य के सामने हमेशा बौना ही रहेगा। स्टेचू ऑफ यूनिटी Statue Of Unity विश्व मे आधुनिक काल का मानव निर्मित सबसे ऊंची प्रतिमा है। जो हमारे लिए ही नही समस्त देशवासियों के लिए गौरव की बात है। यह एक इंजीनियरिंग का और मूर्तिकला का नायाब उदाहरण भी है। साथ ही देश को एकीकृत करने वाले एक साधारण किसान के बेटे का देश के स्वतंत्रता संग्राम में अतुलनीय योगदान फिर आजादी के बाद साम, दाम, दंड, भेद के द्वारा लगभग 600 राजे-रजवारों को एक भारत वर्ष के रूप में सम्मिलित होने को तैयार करना ऐसा उदाहरण पूरे विश्व मे नही है। उनके इस महती कार्य के बावजूद उनकी ही पार्टी के लोग उन्हें हासिये पर रख रखे थे। लेकिन वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने उनके इस देशहित के गौरवपूर्ण महान कार्य को सम्मान देते हुए संसार की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाकर पूरे विश्व मे उनके इस कार्य को दिखाने का अनोखा प्रयास किया है। आखिर विश्व को पता चले की एक साधारण गुजराती किसान पुत्र ने अपने अदम्य बुद्धिबल द्वारा कैसे नवाबों, राजाओं, रजवाड़ों में बंटे विभिन्न राज्यों को एकीकृत करके एक राष्ट्र के रूप में भारत का निर्माण किया है।
इस महान कार्य मे कई वर्ष लगे और इस पूरे प्रक्रियाओं में कई लोगो ने रोजगार पाया जिनमे साधारण मजदूर से लेकर बड़ी बड़ी कंपनियों के साथ सब्जीवाले, साधारण दुकानदार, होटल, रिक्शा, ऑटो,बस, कार वाले ड्राइवर नाविक भी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूपो से लाखो लोगो को रोजगार मिला।
अब बात करते हैं स्टेचू ऑफ यूनिटी- लौहपुरुष पटेल जी की प्रतिमा से आखिर क्या हासिल होगा?
भविष्य कोई नही जानता कि क्या होगा हम लोग सिर्फ अनुमान लगा सकते है। जब सरकार कोई परियोजना पर कार्य करती है। तो क्या लाभ होगा ये बाद में सोचती है। पहले इसका देश और समाज को क्या लाभ होगा ये सोचती है।
लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की ये गगनचुम्बी प्रतिमा सदैव उनके योगदान के बारे में समूचे विश्व को बताता रहेगा कि एक अकेले गांधी जी ही नही थे देश को आजाद करने वाले और भी भारतीय थे जो भारत के कोने-कोने से थे। बंगाली, बिहारी, मराठी, गुजराती, राजस्थानी, पंजाबी, पहाड़ी, जैसे विभिन्न क्षेत्र और बोली बोलने वाले और भी स्वतंत्रता की चाह रखने वाले भारतीय रणबांकुरे थे।
पर्यटन के छात्र होने के नाते मैं या कह सकता हु की अकेले लौहपुरुष की प्रतिमा Statue of Unity के लिए भारत ही नही पूरे विश्व से इतने पर्यटक आएंगे की गुजरात पर्यटन को कई हजार नई भर्तियां, करनी पड़ेगी। इससे रोजगार के साथ गुजरात पर्यटन और भारतीय पर्यटन का विकास के साथ- साथ विदेशी आय की प्राप्ति भी होगी जो अगले कुछ ही वर्षों में ही निर्माण की लागत निकल जायेगी। स्टेचू ऑफ यूनिटी गुजरात या या भारत के पर्यटन मानचित्र पर नही वल्कि अगले 3 से 4 वर्षो में विश्व के पर्यटन मानचित्र पर अपनी एक दमदार छवि बनायेगा।
स्टेचू ऑफ यूनिटी से गुजरात का वो इलाका इतना धनवान हो जाएगा कि उन्होंने सपनो में भी नही सोच होगा। और गुजरात के अन्य पर्यटन स्थलों पर देशी विदेशी पर्यटकों की भीड़ लगी रहेगी। पर्यटन के साथ साथ हमेशा लोक-आस्था अथवा लोककला से संबंधित क्षेत्र जैसे कि नृत्य, संगीत, खानपान, हस्त-करघा या कुटीर उद्योग, कारीगरी, नक्काशी करने वालो के भी उलझी हुई जिंदगी में भी पर्यटन से होने वाले आमदनी नया आयाम देंगे।
![]() |
| statue Of Unity |



Excellent & informative blog. Best wishes to Madhav ji .
जवाब देंहटाएंशानदार
जवाब देंहटाएंAwesome
जवाब देंहटाएंलाजवाब
जवाब देंहटाएं“This is a wonderfully written piece that beautifully captures the significance of the Statue of Unity. I really appreciate how you highlighted not just the engineering marvel, but also the deeper historical and cultural importance of Sardar Vallabhbhai Patel’s legacy. The way you connected tourism, employment, and national pride makes the article both inspiring and informative. It’s clear that this monument is more than just a statue—it’s a symbol of unity, vision, and progress. Thank you for sharing such thoughtful insights!”
जवाब देंहटाएं