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selfie सेल्फी के हैं इतने प्रकार जान लो आपके काम आएंगे।

यह पोस्ट मैन Uc न्यूज़ के लिए लिए लिखी थी। Views of India के अंतर्गत जिसे बाद में स्पोर्ट्स के लिए लिखने लगा तो नाम में परिवर्तन कर के हेलो स्पोर्ट्स (Hello Sports)कर लिया था।सेल्फी का दिवानापन पिछले कुछ वर्षों मेह काफी बढ गया है, लडकियां ही नहीं अब तो बच्चे, बुढे, गरीब-अमीर, नेता-अभिनेता सब को एक ही रोग लगा है “सेल्फी रोग” , सेल्फी का दायरा इतना फ़ैल गया है की यह जाति, धर्म, क्षेत्र, राष्ट्रियता, गरीब, अमीर के बंधन से मुक्त हो सबके लिए सर्वसुलभ हो गई है। Copyright Holder
सेल्फी कई तरह के होते हैं, आइए आपको भी परिचित करवाता हुं सेल्फी परिवार से।
1. Selfie हेल्फी (Helfie)- इस सेल्फी में अपनें बालों के साथ विभिन्न कोंणों से सेल्फी ली जाती है लडकियां ही नही अब लडके भी हेल्फी लेने लगे हैं।2.Selfie बेल्फी (Belfie)- अगर आपके तशरीफ अच्छे है और आप उसकी फोटो लेतें हैं, तो तशरीफ के साथ वाली बेल्फी कहलाएगी ।3.Selfie वेल्फी (Welfie)- इस आधुनिक युग में लोग खुद को फिट रखने के लिए जिम जाते है, और वर्कआउट करते है और वर्कआउट करते समय की फोटो इन्स्टाग्राम, फेसबुक पर पोस्ट करते है, वेल्फी (Welfie) कहलाती है…
हाल की पोस्ट

चाइनीज वस्तुओं का बहिष्कार और उसके पिल्लों को पालना बंद करें।

वीरगति को प्राप्त सभी सैनिकों को श्रद्धांजलि।💐💐
दुष्ट पड़ोसी देश के दृष्टता का कल भारतीय सैनिकों ने बेहतरीन तरीके से जवाब देते हुए,  पचासन चाइनीज मेंढकों के टर्राहट को बंद कर दिया है। 
सभी बंधुओ से प्रार्थना है कि चाइनीज वस्तुओं के बहिष्कार के अतिरिक्त ये भी ध्यान दें कि हमे किसी भी प्रकार के चाइनीज प्रोपेगेंडा में नही फंसना है,  न्यूज़ वेबसाइट, आपके आसपास अथवा सोशल मीडिया के मित्र सूची में जो भी व्यक्ति कोई प्रोपेगेंडा के तहत लिंक या लेख साझा कर रहा हो जिसमें भारतीय सेना के मनोबल कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा हो, अथवा ये कहा जा रहा हो कि चीन 8किमी 10 किमी अंदर घुसा है भारतीय सेना के बारे दुर्भावना फैलाने, या सरकार को कोसने वाले व्यक्ति से या तो दूरी बरतें या समय मिले तो उसी के तरीके अपनाते हुए प्रहार अवश्य करें ,जैसे भारतीय सेना ने दुष्ट चीन को जवाब दिया है।
चीन अपने गुलामो के द्वारा भारत में प्रोपेगेंडा फैलाने में लगा हुआ है कि चीन की सैन्य क्षमता मजबूत है। अरे भारत के किसी भी जवान को खुली छूट देकर उनके सामने चाइनीज फौज खड़ी दो वीर जवान उस चाइनीज झुंड को फुटबाल की तरह गोल ना कर दे तो…

सरकारी स्कूल की एक यादगार घटना।

बात उन दिनों की है जब मैं कक्षा प्रथम, शिशु विद्या मंदिर में पढ़ता था। किसी कारणवश वहां से निकलकर गांव के सरकारी स्कूल में मेरा एडमिशन करवाया गया।मेरे गांव में टेस्ट भी लिया जाता हूं। टेस्ट के बाद एडमिशन होता है तो गणित के कम अंक छोड़कर सभी में अच्छे नंबर थे। मुझे कक्षा 6 में प्रमोट कर दिया गया अब था तो मैं बच्चा लेकिन पंचायत के कई सारे स्टूडेंट्स पढ़ते थे।  भूमिका ज्यादा लंबी हो गयी_* *सीधे  असली घटनाक्रम पर आता हूँ।  कक्षा छह में तीन चार महीने हो चुके थे कुछ मित्र भी हो चुके थे क्योंकि सबसे छोटा था और दिखता भी बहुत छोटा था। चूंकि गांव का स्कूल था और ड्रेस कोड नहीं था लेकिन इतना था कि  स्टूडेंट्स सही कपड़े पहन कर के आए तो एक ग्रामीण लड़का था उसने नया-नया पजामा खरीदा था और मेरी बातचीत (मेरी बस मुस्कुराहट होती थी या सर हिलता था) एक छात्र मार्किट से मॉडर्न पजामा पहन के स्कूल आया था। सबको पजामा दिखा रहा था, जो नए डिजाइन का था तो मैंने मजाक मजाक में कह दिया की भाइजी पजामा तो तुम्हारा सही है लेकिन तुमने इसे उल्टा क्यों पहन रखा है। फलाने फ़िल्म में मिथुन चक्रवर्ती ने इसे पहना था। इन नए मॉडल का …

इबादत शायरी

तुम्हारे शफ्फाक गालों को पाक नज़रों से चूमना मेरी इबादत है।
और ये आंखे बंद करके तेरे सुर्ख लबों का फैल जाना कातिलाना आदत है।
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विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day)

विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं।
पर्यावरण के संतुलन तो अब बीते जमाने की बात हो गयी अब पर्यावरण के  संरक्षण पर विश्व का ध्यान आकृष्ट हुआ है। पर्यावरण के संरक्षण हेतु  भूमि, जल, आकाश, वायु को शुद्ध करने ले स्थान पर मानव जीवन को संरक्षित करने वाले तत्व पर अब सभी प्रकृति प्रेमी, पर्यावरण विद ध्यान देने लगे है।हमारे पर्यावरण के मूल घटक जीव, जंगल, नदियां और पर्वत के सरंक्षन हेतु  वृक्षों के महान् योगदान एवं भूमिका को स्वीकार करते हुए पौराणिक काल से मुनियों ने बृहत् चिंतन किया है। वेदों, पुराणों व उपनिषदों में भी वृक्षो के महत्व एवं महात्म्य को स्वीकार किया गया है।
मत्स्य पुराण में पर्यावरण का चिन्तन करते हुए करते हुए निष्कर्ष स्वरूप कहा गया है कि
दश कूप समा वापी, दशवापी समोहद्रः।
दशहृद समः पुत्रो, दशपुत्रो समो द्रुमः।

अर्थात
दस कुओं के बराबर एक बावड़ी होती है, दस बावड़ियों के बराबर एक तालाब, दस तालाबों के बराबर एक पुत्र है और दस पुत्रों के बराबर एक वृक्ष होता है-पुण्यार्जन और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हमें ज्यादा अधिकाधिक वॄक्ष लगाने चाहिए।
इसीलिए प्रकृति के साथ साथ इसके सभी उपभागों को यथा…

World Laughter Day : विश्व लाफ्टर डे पर जानिए भारतीय सिनेमा की सबसे प्यारी मुस्कान वाली अभिनेत्रियों को।

हंसने व मुस्कुराने वाला व्यक्ति रोग मुक्त और दुश्मन रहित रहता होता है। आपकी मुस्कुराहट आपकी जिंदगी को और भी सुंदर और सफल बनाती है। आपकी मुस्कुराहट जहां आपको लोकप्रिय बनाती वही आपसे जलने वालों को और जलाती भी है। प्रेम की पहली सीढ़ी का नाम भी मुस्कान है। यानी प्रेम की शुरुवात भी मुस्कुराहट से ही होती है और शांति की भी।#यायावरी अथवा #घुमक्कड़ी_दिल_से करने के लिए आपके पास सबसे पहले एक ही भाषा सीखने की आवश्यकता है, वो है मुस्कुराने की भाषा और यह एकमात्र वैश्विक भाषा है।आपकी एक अच्छी मुस्कान आपको मैदानी इलाकों में  दाल, रोटी, चाय पानी और छत की व्यावस्था कर देगी।
वहीं पहाड़ों पर ठिकाने के साथ मैग्गी, पराठा, सुप या चाय की व्यवस्था कर देगी। कुछ जगहों पर विशेष पेय के भी प्रबंध हो सकते हैं। बस मुस्कान लगातार देनी हैं।भगवान भी उसे ही पसंद करते है जो संकट में भी धैर्यसहित मुस्कुरा सके।  कई देश इसी इसी मुस्कुराहट पर आबाद और बर्बाद हुए ,और कई राजवंशों का भी उदय-अस्त इसी मुस्कुराहट के कारणवश हुआ है। विश्व लाफ्टर डे पर जानिए भारतीय सिनेमा की सबसे प्यारी मुस्कान वाली अभिनेत्रियों को।आज भी अभिनेताओं और तार…

पावापुरी : त्याग, अहिंसा और ज्ञान की तपोभूमि

आप सबको भगवान महावीर स्वामी जी के प्रकाट्य दिवस की ढेरों शुभकामनाएं।
ज्ञान,अहिंसा, त्याग, विश्व बंधुत्व का संदेश देने वाले स्थल पावापुरी की यात्रा वृतांत आप सबके समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूँ। 


पावापुरी (Pawapuri) - ज्ञान और अहिंसा की तपोभूमि
 वर्ष 2018 में महापर्व दीपावली, छठ एवं अपना जन्मोत्सव मनाने के लिए अपने गांव गया हुआ था। दीपावली की तिथि 7 नवंबर थी और मेरा वर्षगांठ 8 नवम्बर को होता है।
6 नवंबर को मन में अचानक से अहिंसा और त्याग की तपोभूमि पावापुरी देखने का विचार मन में आया। दीपावली को विश्वबंधुत्व और समानता का आलोक फैलाने वाले भगवान महावीर स्वामी (Mahaveer Swami) , 72 वर्ष की आयु में पावापुरी (बिहार) में कार्तिक कृष्णा 14 (दीपावली की पूर्व संध्या) को निर्वाण को प्राप्त हुए। विचार कुछ लोगों के साथ साझा किए तो सर्वसम्मति से मेरे विचार पर मुहर लग गयी। चलिए पावापुरी और दीपावली भी वहां के देखेंगे पावापुरी की दीवाली की आभा देवलोक की दीवाली को भी नतमस्तक कर देती है।
यद्यपि संध्या बेला तक घर वापसी और दिवाली परिजनों के साथ मनाने का ही निश्चय करके घर से अनुमति लेकर रात में सो गए। ब्रह्म मुहूर्त …

Travel Talk

रहस्मय निधिवन, वृन्दावन मथुरा की यात्रा Mysterious Visit at Nidhiwan, Vrindavan, Mathura

एकदम अद्भुत और रहस्यमय धार्मिक स्थल है। कई किस्से कहानी, वीडियो, ब्लॉग्स एवं ग्रंथ इत्यादि में निधिवन के बारे में पढ़ा था।
जब देखने का मौका मिला तो आश्रयचकित रह गया। सारे पेड़ रहस्मय लगे।  सारे पेड़ साधारणतः ऊपर की ओर बढ़ते है। लेकिन। निधिवन के सारे पेड़ ऐसा लगता जैसे झुकते जा रहे हो 4 फिट के बाद जैसे फिर से धरती में समा जाना चाहते हों। या फिर किसी के चरणों मे अपना सर्वस्व न्योछावर करने चाहते हों।

निधिवन की एक खास बात है। भगवान श्री कृष्ण गोपी माताएं की रासलीलाओं की चर्चा होती है। इसलिए मंदिर को सजा-धजा कर तैयार किया जाता है। प्रतिदिन श्रीनगर आरती के बाद पान, मिठाई, पुष्प, मक्खन दही, दूध, अन्य प्रसाद एवं सृंगार रख दिया जाता है।

 संध्या बेला होते ही निधिवन से सभी व्यक्ति ही नही यहांत क जीव जंतु (तितली बंदर, तोते, कौवे भी) निधिवन की सीमा से बाहर चले जाते हैं।

कहा जाता है कि अगर कोई प्रमाण देखने के लिए या जिज्ञासा वश निधिवन में छुप जाता है। तो या तो उसे वैराग्य हो जाता है जीवन और किसी से बात करने किं स्थिति में नही रहता। पागल हो जाता है। भगवान को देखकर उसे मृत्यलोक से मुक्ति(मर जाता है) मिल …

स्टेचू ऑफ यूनिटी- लौहपुरुष पटेल जी की प्रतिमा से क्या आखिर क्या हासिल होगा

लौहपुरुष सरदार जी की इस गगनचुम्बी प्रतिमा "स्टेचू ऑफ यूनिटी" से क्या हासिल होगा ये नीचे बताऊंगा लेकिन अब तक क्या हासिल हुआ है यह बताता हूं।

 माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का वर्षों पुराना स्वप्न 31 अक्टूबर 2018 साकार हुआ और उन्होंने इस अतुलनीय लौहपुरुष की प्रतिमा भारतवर्ष  को एकीकृत करने वाले  को उनके देशवासियों को समर्पित किया है। और दुनिया की सबसे उंची प्रतिमा उनके महान कार्य के सामने हमेशा बौना ही रहेगा।स्टेचू ऑफ यूनिटी Statue Of Unity विश्व मे आधुनिक काल का मानव निर्मित सबसे ऊंची प्रतिमा है। जो हमारे लिए ही नही समस्त देशवाशियों के लिये गौरव की बात है। यह एक इंजीनियरिंग का और मूर्तिकला का नायाब उदाहरण भी है। साथ ही देश को एकीकृत करने वाले एक साधारण किसान के बेटे का देश के स्वतंत्रता संग्राम में अतुलनीय योगदान फिर आजादी के बाद साम, दाम, दंड, भेद के द्वारा लगभग 600 राजे रजवाड़ो को एक भारत वर्ष के रूप में सम्मिलित होने को तैयार करना ऐसा उदाहरण पूरे विश्व मे नही है। उनके इस महती कार्य के बाबजूद उनकी ही पार्टी के लोग हाशिये पर रख रखे थे। लेकिन माननीय प्रधानमंत्री जी ने उ…